वायु ऊतक जाल पर्दा
Plants — meristems & tissues

वायु ऊतक जाल पर्दा

आप एक विशाल बेलनाकार सुरंग के भीतर तैर रहे हैं — जल-कमल की डंठल की वायु-नलिका, जिसकी दीवारें हरे क्लोरेन्काइमा कोशिकाओं की बनी एक निरंतर षट्कोणीय मोज़ेक हैं, प्रत्येक कोशिका गहरे पन्ने-रंग में चमकती हुई, उनके साझा पतले सेलुलोज़-भित्ति जंक्शन महीन गहरी रेखाओं की तरह उभरे हुए। यह नलिका पौधे का श्वसन-तंत्र है — एरेंकाइमा — जो जल-भराव वाली मिट्टी में जड़ों तक ऑक्सीजन पहुँचाने के लिए विकासक्रम द्वारा गढ़ा गया वायु-मार्ग है, और आपके ठीक सामने एक तारानुमा डायफ्राम तना हुआ है जैसे किसी मध्यकालीन गिरजे की गुलाब-खिड़की। इस पर्दे की भुजा-आकार कोशिकाएँ केंद्र से बाहर की ओर फैली हैं, उनके सिरे नलिका-भित्ति तक पहुँचे बिना रुक जाते हैं, जिससे बीच में खुले बहुभुजाकार रिक्तियाँ बन जाती हैं — काफी बड़ी कि आप उनसे होकर स्वयं गुज़र सकें। पीछे से छनकर आती विसरित हरित-सुनहरी रोशनी में यह जालीदार पर्दा एक दीप्तिमान फीते की तरह जगमगा रहा है, कुछ रिक्तियों में फैली पतली जलीय झिल्लियाँ इंद्रधनुषी बैंगनी और ताम्बई रंग बिखेरती हुईं, और नलिका के दोनों छोर आर्द्र धुंध में विलीन होते हुए उस अनंत शांत गलियारे का आभास देते हैं जो इस एकल, ज्योतिर्मय, जीवित जाली-दीवार से परे किसी अज्ञात दिशा में जाती है।

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