पारदर्शी भ्रूण कोश
Plants — meristems & tissues

पारदर्शी भ्रूण कोश

आप एक जीवित गिरजाघर के भीतर स्थगित हैं — चारों ओर अंडाशय के दोहरे आवरण की हाथीदाँत-श्वेत कोशिका-भित्तियाँ एक गुंबदाकार कक्ष बनाती हैं, जिसके ऊपरी दाएँ कोने में मात्र पंद्रह माइक्रोमीटर चौड़ा बीजांडद्वार एक शीतल प्रकाश-शलाका भेजता है जो एपोप्लास्टिक द्रव में तैरते कणों को सुनहरी धूल की तरह चमका देता है। आपके ठीक सामने अंडकोशिका एक नाशपाती-आकार की संरचना के रूप में उपस्थित है — उसका परिधीय कोशाद्रव्य गहरे जलीय हरे रंग का है और केंद्रक एक बड़े, श्वेत-संगमरमरी गोले की भाँति चमकता है जिसके भीतर केंद्रिका एक मोती की तरह प्रकाश को पकड़ती है। दोनों ओर की सहायक कोशिकाओं के तंतुमय भित्ति-अंतर्वलन सुनहरी-अंबर आभा बिखेरते हैं — ये विशेष संरचनाएँ पराग-नलिका के स्वागत और पोषक परिवहन के लिए विकसित हुई हैं। इस पूरे कक्ष का विशालतम भाग केंद्रीय कोशिका है, जिसका कोशाद्रव्य इतना पारदर्शी है कि वह किसी स्थिर जलाशय-सा प्रतीत होता है, और उसके मध्य में दो ध्रुवीय केंद्रक — दो लीलाई-धूसर चंद्रमाओं की तरह — निलंबित हैं, जो शीघ्र ही निषेचन पश्चात् त्रिगुणित भ्रूणपोष बनाने का कार्य आरंभ करेंगे।

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