एमिलॉइड फाइब्रिल क्रॉस-सेक्शन
Macromolecules

एमिलॉइड फाइब्रिल क्रॉस-सेक्शन

आप एक विशाल आणविक सुरंग के ठीक केंद्र में निलंबित हैं — चारों ओर से चार प्रोटोफिलामेंट पंखुड़ियाँ फूल की पंखुड़ियों की तरह फैली हुई हैं, जिनकी ठंडी इस्पाती-नीली बीटा-शीट दीवारें 4.7 ऐंग्स्ट्रॉम की अटल लय में एक के ऊपर एक सटीकता से जमी हैं, जैसे किसी विशाल गॉथिक गिरजाघर के स्तंभ अनंत गहराई में उतरते जा रहे हों। इन चारों पंखुड़ियों के मध्य में एक एम्बर-भूरे रंग का स्टेरिक ज़िपर कोर दमकता है, जहाँ अमीनो अम्ल की पार्श्व शृंखलाएँ आपस में ऐसे गुँथी हैं जैसे उँगलियाँ एक-दूसरे में बंद हों — यहाँ जल का एक भी अणु प्रवेश नहीं कर सकता, यह निर्जल आणविक मौन एक असाधारण स्थायित्व की गवाही देता है। बाहरी किनारों पर ग्लूटामेट अवशेष गहरे लाल ज्वालामुखीय उभारों जैसे चमकते हैं और लाइसीन अवशेष विद्युत-कोबाल्ट नीले स्तंभों की तरह विलायक कोहरे में उँगलियाँ फैलाए खड़े हैं। यह एमिलॉइड फाइब्रिल की संरचना — जो एक बार घुलनशील प्रोटीनों के पतन से जन्मी थी — अब एक जमे हुए, निर्मम, क्रिस्टलीय व्यवस्था का रूप धारण कर चुकी है, जिसकी समरूपता पत्थर से भी अधिक अटल और भयावह रूप से स्थायी है।

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