ग्राम स्टेन सूक्ष्मदर्शी जगत
Bacteria

ग्राम स्टेन सूक्ष्मदर्शी जगत

विशाल बैंगनी-नील गोलाकारों का एक घना समूह हमारे सामने खड़ा है — *Staphylococcus aureus* की कोशिकाएँ, जिनकी मोटी पेप्टिडोग्लाइकन दीवारें क्रिस्टल वायलेट अवशोषित कर गहरी बैंगनी आभा से दमक रही हैं, और यही ग्राम-धनात्मक पहचान का रासायनिक प्रमाण है। प्रत्येक गोले के किनारे पर एक झिलमिलाती विवर्तन प्रभामंडल है — दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य और कोशिका का आकार लगभग बराबर होने पर प्रकाश मुड़कर ऐसे मनोरम कोरोना बनाता है। नीचे की ओर गुलाबी-लाल सैफ्रेनिन की परत पिघले काँच-सी पसरी है, जहाँ दाईं ओर *E. coli* की छड़ाकार कोशिकाएँ — ग्राम-ऋणात्मक, पतली कोशिका भित्ति वाली — फीके गुलाबी रंग में धुँधली आकृतियों की तरह लेटी हैं, उनके सिरे ऑप्टिकल विभेदन की सीमा पर धुँधलाए हुए। फोकल तल से थोड़ा भी ऊपर-नीचे जाते ही कोशिकाएँ अर्धपारदर्शी बैंगनी प्रेत बन जाती हैं, और परिधि पर काँच के लेंसों की स्वाभाविक खामियाँ नीले-अंबर रंगीन वलय उकेरती हैं — यह संसार उतना ही वास्तविक है जितना प्रकाश और पदार्थ की भौतिक सीमाएँ अनुमति देती हैं।

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