मध्यरात्रि जैवदीप्ति का प्रस्फुटन
कंकती

मध्यरात्रि जैवदीप्ति का प्रस्फुटन

अंधेरे समुद्र की इस गहराई में, जहाँ ऊपर का चाँदनी-रहित आकाश भी एक स्मृति मात्र है, दर्जनों *Mnemiopsis leidyi* अपने लगभग अदृश्य जेलीनुमा शरीरों के साथ चारों ओर तैर रहे हैं — उनका अस्तित्व केवल आठ चमकती नीली-हरी पट्टियों से प्रकट होता है, जो 490 नैनोमीटर की उस विशेष फ़िरोज़ी तरंगदैर्ध्य पर जलती हैं जो धरती पर कहीं नहीं मिलती। प्रत्येक जीव का मेसोग्लिया — जो 97 प्रतिशत जल और कोलेजन-ग्लाइकोप्रोटीन का एक दृश्यहीन जेल है — समुद्री जल के अपवर्तनांक से इतना मेल खाता है कि शरीर स्वयं लुप्त हो जाता है, और केवल वे आठ प्रकाश-रेखाएँ एक तारों से बुना हुआ अंडाकार ढाँचा रचती हैं। जैव-प्रकाश की लहरें अबोरल ध्रुव से ओरल ध्रुव की ओर एक पूरे सेकंड में यात्रा करती हैं — फोटोसाइट कोशिकाओं में लूसीफेरिन-लूसीफेरेज़ की रासायनिक प्रतिक्रिया का वह मंद, श्वास-सा स्पंदन जो जीवन और प्रकाश को एक कर देता है। दूर के जीव धीरे-धीरे धुँधले नीले प्रभामंडलों में घुल जाते हैं, जहाँ निलंबित समुद्री कण प्रत्येक फ़ोटॉन को बिखेर देते हैं, और यह अनुभूति होती है मानो कोई जीवित अंधकारमय निहारिका के भीतर तैर रहा हो, जिसके प्रत्येक तारे का अपना ठंडा, सचेत प्रकाश है।

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