स्टेंटर नीला भँवर
Protists & protozoa

स्टेंटर नीला भँवर

प्रकाश के उस पारदर्शी अंबर जल में हम सीधे नीचे झाँकते हैं — एक जीवित भँवर के ठीक ऊपर स्थित, जहाँ *Stentor coeruleus* का विशाल मुखीय चक्र एक नीले-हरे ब्रह्माण्डीय चक्रवात की तरह हमारे सामने फैला है। झिल्लीदार पक्ष्माभिकाओं की सघन पंक्तियाँ — जो काँच की पारदर्शी पत्तियों जैसी दिखती हैं — एक सम्मोहक दक्षिणावर्त गति में जल को खींच रही हैं, और उनकी समन्वित लय से उत्पन्न जैविक भँवर में जीवाणु, हरे शैवाल के कण, तथा कार्बनिक अवशेष स्वर्णिम चमक बिखेरते हुए उस केंद्रीय कोशिकाद्वार के अँधेरे में विलीन होते जा रहे हैं। कोशिका की पेलिकल — वह अर्धपारदर्शी बाहरी आवरण — स्टेण्टोरिन वर्णक कणिकाओं की समानांतर धारियाँ धारण करती है, गहरे प्रशियन नीले और हल्के जलीय रंग की बारी-बारी पट्टियाँ, जो एक बुने हुए रेशमी वस्त्र की तरह इस महाकाय एककोशिकीय स्तंभ को ढकती हैं। भीतर, मैक्रोन्यूक्लियस की मोती-लड़ी — दूधिया, अपवर्तक पालियों की वह श्रृंखला — नीले कोशिकाद्रव्य में धागे की तरह लटकी है, जैसे धुंधले काँच के पार नदी के मोती दिख रहे हों। यह पूरा दृश्य उस प्राचीन एककोशिकीय जीवन की धैर्यपूर्ण ताकत का प्रमाण है — जहाँ एक ही कोशिका एक महासागरीय भँवर की भूमिका निभाती है।

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