जीएफपी रत्न परिपथ देह
Nematodes

जीएफपी रत्न परिपथ देह

शुद्ध काले शून्य में S-आकार की वक्र रेखा में लिपटा यह प्राणी अपने आप में एक जगमगाता नगर है — इसकी हर कोशिका भीतर से प्रकाश उत्सर्जित कर रही है, जैसे किसी रात्रिकालीन महानगर की रोशनियाँ ऊपर से देखी जाएँ। शरीर की दीवार में चार लंबे पेशी-पट्टे दहकते लाल-क्रिमसन रंग में चमकते हैं, जिनमें तिरछी सार्कोमेर धारियाँ एक मूर प्रभाव बनाती हैं — ठीक वैसे जैसे किसी अंतरिक्षयान की ताप-ढाल पर उभरी लकीरें। इन लाल पट्टों के ठीक मध्य में आँत एक चमकदार पन्ना-हरी नलिका की तरह फैली है, जिसके भीतर पीले-हरे कण धीमी, गाढ़ी धारा में बहते दिखते हैं — मानो फ्लोरोसेंट तेल से भरा कोई फाइबर-ऑप्टिक केबल हो। अग्र सिरे पर दो-पालिया ग्रसनी नींबू-पीले रंग में उभरी है और उसके चारों ओर तंत्रिका-वलय के नीले-सियान प्रकाश-बिंदु हीरों की माला जैसे बिखरे हैं। गर्भाशय में शीतल नीले-सफेद प्रकाश में नहाए भ्रूण मोती की तरह तैरते हैं, हर एक अपने कोशिका-विभाजन की ज्यामिति को स्वयं प्रकाशित करता हुआ — और यह सब कुछ किसी बाहरी सूर्य के बिना, केवल जीवन की आंतरिक रसायनदीप्ति से संभव है।

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