कॉलर्पा प्रवाहित पारगम्य प्रकाश
Giant unicells

कॉलर्पा प्रवाहित पारगम्य प्रकाश

नीचे से आती ठंडी, विसरित श्वेत प्रकाश में एक अकेला कॉलर्पा स्टोलॉन खंड एक जीवित लालटेन की तरह दमक रहा है — इसकी बाहरी परत सघन हरित लवकों से इस कदर भरी है कि वह एक ठोस पन्ने की दीवार जैसी लगती है, जबकि भीतरी एंडोप्लाज्मिक गलियारा एक गहरे, शांत गिरजे की तरह लंबाई में फैला है। यह पूरी संरचना — जड़ से लेकर पत्ती तक — एक ही कोशिका है, कोई अंतर्भित्ति नहीं, कोई विभाजन नहीं, बस एक अखंड जीवद्रव्य जो सेंटीमीटरों में फैला है। उस केंद्रीय हरित सुरंग में सुनहरे और琥珀रंगी कण मंद गति से झुकती धाराओं में बहते हैं — एक्टिन केबलों पर सवार, किसी अदृश्य नदी की तरह, जो साँस की गति से चलती है और कभी नहीं रुकती। कोशिका भित्ति और जल के बीच की वह तीखी चमकती रेखा याद दिलाती है कि यह समूचा प्रकाशित संसार — इसकी हरियाली, इसकी धाराएँ, इसकी वास्तुकला — महज दो मिलीमीटर की एक जीवित इकाई में समाया है।

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