उपकला संधि वलय
Eukaryotic cells (tissues)

उपकला संधि वलय

आप दो विशाल वृक्कीय उपकला कोशिकाओं के बीच उस संकरी जलीय दरार में तैर रहे हैं जहाँ जीवन और लुमेन के बीच की सीमा एक दीप्तिमान रेखा में सिमट आती है — ऊपर खुलता हुआ नलिका का अंधकारमय गर्त और नीचे फैली हुई कोशिकाओं की विशाल देहें। आपकी दृष्टि के ठीक सामने एक निरंतर, अखंड सिंदूरी पट्टी चमक रही है — ZO-1 और क्लॉडिन प्रोटीनों से बनी यह तंग संधि की परत, दो कोशिकाओं के बीच इतनी सटीक और अटूट है जैसे जीवित ऊतक में पिघला हुआ धातु जड़ा गया हो, जो कि नेफ्रॉन में मूत्र-अग्रदव्य को रक्त की ओर वापस रिसने से रोकने वाला वह प्राथमिक द्वारपाल है। ठीक नीचे एक शीतल पन्ना-हरी आभा में E-कैडहेरिन की अनुलग्न संधि उभरती है, जहाँ दोनों कोशिकाओं की ectodomain शृंखलाएँ आपस में अंगुलियों की तरह गुँथी हुई हैं और कोशिकाओं को यांत्रिक एकता देती हैं। और भी गहरे, नीले इंडिगो प्रकाश में नाभिकों के विशाल गोलाकार पिंड दमकते हैं — DAPI-रंजित क्रोमैटिन से आलोकित, जैसे किसी रंगीन काँच की गिरजाघर-खिड़की में नीले पैनल भीतर से जल उठे हों, और आप उस सीसे की जोड़ की संधि में खड़े हों जो स्वयं सबसे तीव्र और अविच्छिन्न प्रकाश देती है।

Other languages