अंतराली रेत भूलभुलैया
Flatworms

अंतराली रेत भूलभुलैया

रेत के इन विशाल गोलाकार स्फटिक शिलाखंडों के बीच — जो अपने आकार में琥珀रंगी और पारदर्शी हैं, प्रत्येक की वक्र सतह एक प्राकृतिक सूक्ष्म लेंस की भाँति कार्य करते हुए संकरी जलभरी दरारों में प्रकाश के चमकीले वलय और अर्धचंद्राकार आभाएँ प्रक्षेपित कर रही है — दो टॉरपीडो-आकार के एकोएल टर्बेलेरियन अपने पक्ष्माभों की लयबद्ध गति से बिना किसी आहट के विचरण करते हैं। उनके लगभग वर्णहीन, दूधिया-गुलाबी शरीर इतने पारभासी हैं कि भीतरी संरचना — अक्षीय आहारनाल, पैरेंकाइमा का धुँधला संहार — बाहर से झिलमिलाती मोमबत्ती की लौ जैसी दिखती है, जिसे अनाज की सतह पर पड़ते अपवर्तित प्रकाश की पृष्ठभूमि मिलती है। इन्हीं रेतकणों की वक्र दीवारों पर सुनहरे-भूरे पेनेट डायटम काँच की कंघियों सी सपाट पड़े हैं, उनके सिलिका फ्रस्ट्यूल गर्म आम्बर रंग में दमकते हैं, जबकि सबसे गहरी दरारों में गाढ़ी काली बायोफिल्म — बैक्टीरिया, मलबा और संकुचित कार्बनिक पदार्थ — उस प्रकाश-उत्सव को अंधकार में निगल लेती है। ऊपर से छनकर आती हरी-नीली विसरित रोशनी इस भूलभुलैया को एक जलमग्न गिरजाघर का रूप देती है, जहाँ हर गलियारे के अंत में अगले शिलाखंड वायुमंडलीय हेज में घुलते नज़र आते हैं — मानो कुछ ही सेंटीमीटर की दूरी मीलों का भ्रम उत्पन्न करती हो।

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